वार्षिक जयपुर साहित्य उत्सव (जेएलएफ) गुरुवार से शुरू होने जा रहा है. जिसमें 350 से ज्यादा लेखक, विचारक, मानवतावादी, राजनीतिज्ञ और अन्य लोग हिस्सा लेंगे. पांच दिन के इस साहित्य उत्सव में हजारों लोग शामिल होंगे. इसका आयोजन ऐतिहासिक दिग्गी पैलेस में किया जाएगा जिसे किसी बारात स्थल की तरह सजाया गया है. आयोजकों ने बताया, ‘हमारी दुनिया तेजी से बदल रही है. इस साल हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जेनेटिक्स और भविष्य में हमारा ग्रह कैसा होगा, इस पर सत्र रखा है. इस साल ‘क्लाइमेट फिक्शन’ जैसा नया शब्द भी साहित्य उत्सव में सुनाई देगा. साथ ही 'यदि मधुमक्खियां गायब हो जाए तो क्या होगा', इस पर आधारित क्ली-फाई (क्लाइमेट फिक्शन) पर हमने बेहद सुंदर सत्र रखा है.' इस साहित्य उत्सव में नोबल पुरस्कार से सम्मानित वेंकी रामकृष्णन ‘विज्ञान के महत्व’ पर बोलेंगे, खगोल विज्ञानी प्रियंवदा नटराजन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रोफेसर टोबी वाल्श श्रोताओं को ‘अंतरिक्ष का मानचित्र’ और ‘वर्तमान में भविष्य कैसा है’ जैसे विषयों पर अपने अनुभव साझा करेंगे. इस साल साहित्य उत्सव में कई विदेशी लेखक भी भाग लेंगे.भारतीय वक्ताओं में राजनीतिज्ञ लेखक शशि थरूर, राजनयिक नवतेज सरना, किश्वर देसाई, इरा मुखोती, अमिताभ बागची, अमिताव कुमार, अनिता नायर, देवदत्त पटनायक, मकरंद परांजपे, नैना लाल किदवई और राणा दासगुप्ता शामिल हैं.
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Thursday, 24 January 2019
24 जनवरी से शुरू हो रहा है जयपुर साहित्य उत्सव
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